नौ महीने से स्पेस में फंसी सुनीता विलियम्स की होगी ‘घर वापसी’, ISS से वापस लाने के लिए मस्क की स्पेसएक्स ने लॉन्च किया मिशन।

नौ महीने से स्पेस में फंसी सुनीता विलियम्स की होगी ‘घर वापसी’, ISS से वापस लाने के लिए मस्क की स्पेसएक्स ने लॉन्च किया मिशन।

Nasa, SpaceX Launch Crew-10 Mission: इंटरनेशनल स्पेस स्टेशन यानी आईएसएस (ISS) में फंसी भारतीय मूल की अंतरिक्ष यात्री सुनीता विलियम्स (Sunita Williams) वापस पृथ्वी पर आने वाली हैं। 9 महीने से फंसे सुनीता और एस्ट्रोनॉट बुच विल्मोर (Butch Wilmore) को वापस लाने के लिए अमेरिकी स्पेस एजेंसी नासा और स्पेसएक्स ने एक मिशन लॉन्च किया है। मिशन में फाल्कन 9 रॉकेट (Falcon 9 rocket) ने क्रू-10 मिशन के तहत ड्रैगन अंतरिक्ष यान को ले जाएगा। इस मिशन ने 4 नए अंतरिक्ष यात्रियों को भी ISS भेजा है। इनमें NASA के ऐनी मैकक्लेन (Anne McClain) और निकोल एयर्स (Nichole Ayers), JAXA के ताकुया ओनिशी (Takuya Onishi) और रोस्कोस्मोस के किरिल पेस्कोव (Kirill Peskov) शामिल हैं।

सुनीता विलियम्स और बुच विल्मोर जून 2024 में ISS पहुंचे थे। उन्हें वहां 8 दिन रहना था, लेकिन किसी कारणवश वे नौ महीने तक वहां फंसे रहे। अब क्रू-10 मिशन उन्हें वापस धरती पर लाएगा। यह स्पेसएक्स का दसवां क्रू रोटेशन मिशन है। NASA के कमर्शियल क्रू प्रोग्राम के तहत ISS के लिए यह ग्यारहवीं क्रू फ्लाइट है। इसमें डेमो-2 टेस्ट फ्लाइट भी शामिल है। लॉन्च से पहले, अमेरिकी रक्षा सचिव पीट हेगसेथ ने एक वीडियो संदेश में नासा के स्पेसएक्स क्रू-10 के लिए समर्थन व्यक्त किया। फॉक्स न्यूज के अनुसार, एक्स पर पोस्ट किए गए वीडियो में हेगसेथ ने कहा, “मैं बस एक पल के लिए कहना चाहता हूं कि हम आपके लिए प्रार्थना कर रहे हैं।” उन्होंने आगे कहा, “हम आप सभी के लिए शुभकामनाएं देते हैं, और हम जल्द ही आप सभी का घर में स्वागत करने के लिए उत्सुक हैं।”

राष्ट्रपति ट्रंप ने मस्क से सुनीता को वापस लाने की थी अपील

अमेरिकी रक्षा सचिव हेगसेथ ने आगे कहा, “राष्ट्रपति ट्रंप ने एलन मस्क से कहा – ‘अंतरिक्ष यात्रियों को घर ले आओ और अभी करो’ और वे जवाब दे रहे हैं।” फॉक्स न्यूज की रिपोर्ट के अनुसार, उन्होंने कहा, “और वे NASA के अंतरिक्ष यात्रियों को वापस ला रहे हैं, जो रिटायर्ड यूएस नेवी कैप्टन बुच विल्मोर और रिटायर्ड यूएस नेवी कैप्टन सुनी विलियम्स भी हैं।”

ISS क्या है ?

ISS एक अनोखी वैज्ञानिक प्रयोगशाला है जो पृथ्वी से लगभग 400 किलोमीटर ऊपर घूमती है। यहां गुरुत्वाकर्षण का प्रभाव बहुत कम होता है। यह वातावरण वैज्ञानिकों को ऐसे प्रयोग करने का मौका देता है जो धरती पर संभव नहीं हैं। ISS में कई देशों के अंतरिक्ष यात्री एक साथ काम करते हैं। इस मिशन में 4 नए अंतरिक्ष यात्री आईएसएस पर कई वैज्ञानिक प्रयोग करेंगे। इससे अंतरिक्ष के बारे में हमारी समझ बढ़ेगी।