Israel Extensive Airstrikes On Gaza: जनवरी में सीज फायर की घोषणा के बाद इजराइल ने एक बार फिर गाजा में भयंकर तबाही मचा दी है। सीज फायर (संघर्ष विराम) के बाद पहली बार इजराइली बमों से हमास की धरती आग के गोलों से ढक गई है। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, युद्ध विराम के प्रभावी होने के बाद से यह गाजा में अब तक का सबसे भीषण हमला है। इजराइल की बमबारी में कई लोगों के मारे जाने की खबर है। गाजा के स्वास्थ्य मंत्रालय ने कहा है कि हमले में 400 से ज्यादा लोग मारे गए हैं। मरने वालों में महिलाएं और बच्चे भी शामिल हैं।
गाजा स्थित हमास के ठिकानों पर हमले के बाद इजराइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू (Benjamin Netanyahu) ने कहा, “युद्ध विराम को बढ़ाने के लिए बातचीत में कोई खास प्रगति नहीं होने के कारण उन्होंने हमले का आदेश दिया।” इधर, व्हाइट हाउस ने इजराइली कार्रवाई को लेकर कहा कि हमला करने से पहले उससे सलाह ली गई है और उसने इजराइल के फैसले का समर्थन किया है। व्हाइट हाउस ने दोबारा युद्ध जैसी स्थिति के लिए हमास को जिम्मेदार ठहराया है। अमेरिका की राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद के प्रवक्ता (US National Security Council Spokesperson) ब्रायन ह्यूजेस (Brian Hughes) ने कहा, “चरमपंथी समूह युद्ध विराम को बढ़ाने के लिए बंधकों को रिहा कर सकता था, लेकिन उसने इनकार कर दिया और युद्ध को चुना।”
इजराइल के हमले के बाद हमास की ओर से बयान आया है कि इजराइल ने सीजफायर (संघर्ष विराम) को तोड़कर बंधकों की जान खतरे में डाल दिया है। हमास ने अपने बयान में मध्यस्थों से इजराइल को समझौते का उल्लंघन करने और उसे खत्म करने के लिए पूरी तरह से जिम्मेदार ठहराने की अपील की है। पीटीआई (PTI) की एक रिपोर्ट के मुताबिक हमास के एक वरिष्ठ पदाधिकारी ने कहा, “फिर से युद्ध छेड़ने का नेतन्याहू का फैसला बाकी बंधकों के लिए मौत की सजा के बराबर है।”