उत्तरप्रदेश के बलिया में कच्चे तेल का मिला अकूत भंडार, स्‍वतंत्रता सेनानी चित्‍तू पांडेय के वंशजों के खुले भाग्य के दरवाजे, ONGC ने शुरू की खोदाई।

उत्तरप्रदेश के बलिया में कच्चे तेल का मिला अकूत भंडार, स्‍वतंत्रता सेनानी चित्‍तू पांडेय के वंशजों के खुले भाग्य के दरवाजे, ONGC ने शुरू की खोदाई।

Crude Oil Reserves Found In Ballia: उत्तरप्रदेश के बलिया में कच्चे तेल और गैस का बड़ा भंडार मिलने की संभावना बनी है। ऑइल एंड नैचुरल गैस कॉपोरेशन (ONGC) ने तेल निकालने के लिए खोदाई भी शुरू कर दी है। यह खोदाई देश में सबसे पहले बलिया को आजाद करवाने वाले स्वतंत्रता सेनानी चित्तू पांडेय के वारिसों की जमीन सागरपाली में हो रही है। यहां 3000 मीटर गहरा कुआं खोदा जा रहा है। यहां से पॉजिटिव रिपोर्ट आने के बाद गंगा बेसिन में कई स्थानों पर खोदाई की जाएगी।

मिली जानकारी के अनुसार, ओएनजीसी ने 3 साल तक लगातार बलिया से लेकर प्रयागराज तक गंगा बेसिन में सैटलाइट, भू-रासायनिक, गुरुत्वार्षण-चुंबकीय और मैग्नेटो-टेल्यूरिक (एमटी) सर्वेक्षण करवाया था। सर्वे रिपोर्ट में बेसिन की गहराई में बड़े तेल व गैस भंडार होने का पता चला था। अगर बलिया के इस क्षेत्र में खोदाई के दौरान तेल का भंडार मिलता है तो भारत की अरब देशों पर तेल की निर्भरता खत्म हो सकती है।

ONGC ने केंद्र और राज्य सरकार के विभिन्न विभागों से एनओसी यानी अनुमति हासिल कर सागरपाली गांव में खोदाई शुरू करा दी है। इसके लिए क्रेन एवं बड़ी मशीनें और अत्याधुनिक उपकरण मंगाए गए हैं। खोदाई के लिए फिलहाल करीब 8 एकड़ क्षेत्र को बाड़ लगाकर घेर दिया गया है। 3000 मीटर गहरी बोरिंग के लिए रोजाना 25,000 लीटर पानी का इस्तेमाल हो रहा है। आशा है कि अप्रैल के अंत तक तेल भंडार की सतह तक बोरिंग का काम पूरा हो जाएगा।

पट्टे पर जमीन लेकर शुरू की है खुदाई

ONGC ने स्वतंत्रता सेनानी चितू पांडेय के वारिसों की करीब साढ़े छह एकड़ जमीन सालाना 10 लाख रुपये के भुगतान पर पट्टे पर ली है। अभी पट्टा 3 साल के लिए हुआ है। अगर खुदाई के दौरान ओएनजीसी तेल खोजने में सफल होती है तो तेल निकालने का प्लांट लगाने के लिए इस जमीन का अधिग्रहण किया जाएगा। जमीन के स्वामी नील पांडेय ने बताया कि अगर खोदाई में तेल मिल जाता है तो आसपास की जमीनों का भी ONGC अधिग्रहण करेगी। ऐसे में किसानों को बहुत फायदे की उम्मीद है।

300 किलोमीटर क्षेत्र में फैला है तेल का भंडार

ओएनजीसी द्वारा कराए गए सर्वे के अनुसार, कच्चे तेल और गैस का अकूत भंडार वलिया के सागरपाली गांव से प्रयागराज फाफामऊ तक लगभग 300 किलोमीटर के क्षेत्र में फैला है। इस भंडार के मिलने पर भारत की तेल के मामले में अरव व अन्य देशों पर निर्भरता कम जाएगी। इस विशाल भंडार से कई दशकों तक तेल और प्राकृतिक गैस मिलती रहेगी।