OBC Reservation Bill Passed In Telangana: तेलंगाना में जाति सर्वेक्षण के बाद अब विधानसभा में पिछड़ी जातियों (OBC) को 42% आरक्षण देने वाला विधेयक पास हो गया है। विधेयक के अनुसार, पिछड़ी जातियों को ना केवल सरकारी नौकरियों बल्कि शिक्षण संस्थानों और शहरी और ग्रामीण निकाय के चुनावों में भी इतना आरक्षण मिलेगा। इस विधेयक का सत्ताधारी कांग्रेस पार्टी के अलावा विपक्षी बीआरएस (BRS) और बीजेपी (BJP) ने भी समर्थन किया है। तेलंगाना विधानसभा में इससे संबंधित तीन विधेयक पेश किए गए थे। इन 3 विधेयकों में से 1 विधेयक में उपजातियों को भी आरक्षण देने के प्रावधान है।
तेलंगाना CM रेवंत रेड्डी ने विधानसभा में कहा- “कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने वादा किया था कि अगर कांग्रेस सत्ता में आई तो OBC आरक्षण को बढ़ाकर 42% किया जाएगा। सत्ता संभालने के तुरंत बाद, हमारी सरकार ने जाति जनगणना शुरू की। इससे पहले की कांग्रेस सरकार ने OBC आरक्षण को 37% तक बढ़ाने के लिए राज्यपाल को प्रस्ताव भेजा था। यह सरकार पहले के प्रस्ताव को वापस ले रही है, अब 42% आरक्षण का नया प्रस्ताव भेज रही है।” मुख्यमंत्री ने आगे कहा कि हम OBC आरक्षण को 42% बढ़ाने के लिए आवश्यक कानूनी सहायता भी लेंगे। हम तब तक शांत नहीं बैठेंगे जब तक पिछड़े वर्गों के लिए 42% आरक्षण हासिल नहीं हो जाता।
तेलंगाना से पहले बिहार में आरक्षण की सीमा 50% से बढ़ाने की कोशिश की गई थी। बिहार विधानसभा में 9 नवंबर 2023 को आरक्षण संशोधन विधेयक 2023 पास हो गया था। इसमें जातिगत आरक्षण का दायरा बढ़ाकर 65% कर दिया गया था। आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग यानी EWS के 10% कोटे को मिलाकर बिहार में कुल रिजर्वेशन 75% किया जाना था। ये आरक्षण के लिए तय अधिकतम सीमा, यानी 50%, से काफी ज्यादा था। जुलाई 2024 में पटना हाईकोर्ट ने इस कदम को खारिज कर दिया था। वहीं सुप्रीम कोर्ट ने हाईकोर्ट के फैसले पर रोक लगाने से इनकार कर दिया था। सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि बिहार सरकार का यह कदम संविधान के द्वारा दिए गए समानता के अधिकार में दखल देगा।