हिंसा और आगजनी से दहला नागपुर, शहर के कई इलाकों में लगा कर्फ्यू, उल्लंघन करने वालों पर होगी सख्त कार्रवाई, 20 लोग हिरासत में।

हिंसा और आगजनी से दहला नागपुर, शहर के कई इलाकों में लगा कर्फ्यू, उल्लंघन करने वालों पर होगी सख्त कार्रवाई, 20 लोग हिरासत में।

Curfew Imposed In Parts of Nagpur: औरंगजेब की कब्र को लेकर महाराष्ट्र में चल रहा विवाद सोमवार को हिंसक हो गया। मध्य नागपुर में एक समुदाय की पवित्र पुस्तक जलाने की अफवाह फैलने के बाद लोगों ने पुलिस पर पथराव कर दिया। उपद्रवियों ने 4 गाड़ियों में आग लगा दी और 2 दर्जन से अधिक गाड़ियों में तोड़फोड़ की। इसके अतिरिक्त दो पोकलेन मशीनों में भी आग लगा दी गई। आस पास के घरों पर पथराव किया गया। जवाब में दूसरे पक्ष के लोगों ने भी जमकर पत्थर बाजी की। उपद्रवियों की ओर से कुल्हाड़ी से किए हमले में डीसीपी निकेतन कदम को भी गहरी चोटें आईं हैं।

औरंगजेब की कब्र (Aurangzeb Tomb) को हटाने की मांग को लेकर फैले तनाव के बाद भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNS) की धारा 163 के तहत नागपुर शहर के कई इलाकों में कर्फ्यू लगा दिया गया है। नागपुर के पुलिस आयुक्त रविंदर कुमार सिंघल के आधिकारिक आदेश के मुताबिक प्रतिबंध अगले आदेश तक लागू रहेंगे। कर्फ्यू गणेशपेठ, तहसील, लकड़गंज, पचपावली, कोतवाली, शांतिनगर, सक्करदरा, नंदनवन, यशोधरानगर, कपिलनगर और इमामवाड़ा में पुलिस स्टेशन की सीमा में लागू रहेंगे।

मुख्यमंत्री फडणवीस का बयान

महाराष्ट्र के नागपुर में हुई हिंसा के मामले में मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस (Devendra Fadnavis) ने कहा है कि दोषियों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा। मुख्यमंत्री ने पुलिस के आला अधिकारियों से सोमवार देर रात उपद्रव और आगजनी की घटना का संज्ञान लिया और कहा कि पुलिस हालात पर काबू पाने का हर संभव प्रयास कर रही है। बता दें कि महाल इलाके में दो समूहों के बीच पहले से ही हुई झड़प के बाद शहर में तनाव बढ़ गया था।

पुलिस आयुक्त रविंदर सिंघल का बयान

अपराधियों की पहचान करने के लिए पुलिस प्रशासन ने अपनी कमर कस ली है। इसके लिए सीसीटीवी फुटेज का विश्लेषण किया जा रहा है। नागपुर के पुलिस आयुक्त डॉ. रविंदर सिंघल ने आश्वस्त किया है कि हालात नियंत्रण में हैं। पुलिस आयुक्त ने बताया कि तस्वीर जलाने के बाद बड़ी संख्या में लोग इकट्ठा हो गए। हमने उनसे तितर-बितर होने का अनुरोध किया। वे मेरे कार्यालय भी आए। उनकी ओर से बताए गए नामों के आधार पर एक प्राथमिकी (FIR) दर्ज कर कार्रवाई की जा रही है।

महाल के बाद हंसपुरी इलाके में हिंसा

महाल के बाद हंसपुरी इलाके में हिंसा भड़कने की खबर आई। अज्ञात व्यक्तियों ने पथराव, दुकानों में तोड़फोड़ के अलावा वाहनों में आगजनी भी की। शहर की पुलिस ने उपद्रव की साजिश और अशांति फैलाने के आरोपियों को हिरासत में लिया है। नागपुर पुलिस ने बताया कि अब तक 20 से अधिक लोगों को हिरासत में लिया गया है।

विपक्ष ने की हिंसा की निंदा

कांग्रेस सांसद श्यामकुमार बर्वे ने हिंसा की निंदा की है। उन्होंने बताया कि नागपुर में हिंदू-मुस्लिम झड़प कभी नहीं हुई। उन्होंने लोगों से शांति बनाए रखने का आग्रह किया। उन्होंने कहा दोनों समुदायों को शांति बनाए रखनी चाहिए। ऐसी घटनाओं के जरिए मुख्य मुद्दों से ध्यान हटाने की कोशिश की जा रही है।