Waqf Amendment Bill 2025: नरेंद्र मोदी सरकार के केंद्रीय अल्पसंख्यक कार्य मंत्री किरेन रीजीजू ने बुधवार (2 अप्रैल) को लोकसभा में वक्फ (संशोधन) विधेयक, 2025 को चर्चा और पारित कराने के लिए पेश किया। सदन में पक्ष और विपक्ष द्वारा लगातार अपनी अपनी राय रखी जा रही हैं। सरकार की ओर पक्ष रखते हुए गृह मंत्री अमित शाह ने कहा कि मुझे लगता है कि या तो निर्दोष भाव से या राजनीतिक कारणों से ढेर सारी भ्रांतियां सदस्यों के मन में भी हैं और इन्हें फैलाने का प्रयास भी हो रहा है। बिल पर चर्चा का जवाब रिजिजू जी देंगे। कुछ बातों को स्पष्ट करने का प्रयास करूंगा।
अमित शाह ने कहा, वक्फ एक अरबी शब्द है जिसका इतिहास कुछ हदीसों से जुड़ा मिलता है। आज जिस अर्थ में इसका उपयोग किया जाता है, “अल्लाह के नाम पर संपत्ति का दान”। अभी जो हम समझ रहे हैं, इस्लाम के दूसरे खलीफा उमर के समय अस्तित्व में आया। वक्फ एक प्रकार का चैरिटेबल एंडोरमेंट है। इसमें व्यक्ति पवित्र दान करता है। दान उस चीज का किया जा सकता है जो अपनी हो, मैं सरकारी संपत्ति या किसी दूसरे की संपत्ति का दान नहीं कर सकता। ये सारी बहस इसी बात पर है।
गृह मंत्री ने कहा, वक्फ में धार्मिक क्रियाकलाप चलाने के लिए गैर मुस्लिम को नहीं रखा जा रहा है। लेकिन विपक्ष इसके जरिये डराकर अपना वोट बैंक सुरक्षित करने का काम कर रहा है। वक्फ बोर्ड और वक्फ परिषद में गैर मुस्लिम रखने की बात है जिसका काम ये देखना है कि काम ठीक से हो रहा है या नहीं। इस सदन के माध्यम से पूरे देश के मुस्लिम भाइयों को कहना चाहता हूं कि आपके वक्फ में एक भी गैर मुस्लिम नहीं शामिल होगा।
अमित शाह ने यह भी कहा कि 2013 का जो संशोधन आया, वो नहीं आया होता तो आज ये संशोधन लाने की नौबत नहीं आती। कांग्रेस सरकार ने दिल्ली लूटियंस की 125 संपत्तियां वक्फ को दे दीं। उत्तर रेलवे की जमीन वक्फ को दे दी। उन्होंने कहा कि हिमाचल में वक्फ की जमीन बताकर मस्जिद बनाने का काम हुआ।
गृह मंत्री अमित शाह ने आगे कहा, “ये बिल जमीनों की सुरक्षा प्रदान करेगी। किसी की जमीन अब सिर्फ घोषणा मात्र से वक्फ नहीं बनेगी। हम पुरात्तव विभाग और एएसआई की जमीन को सुरक्षा देंगे। आम आदमी की निजी संपत्ति सुरक्षित रहेगी।” अमित शाह ने कहा कि हिमाचल में वक्फ की जमीन बताकर मस्जिद बनाने का काम हुआ। उन्होंने तमिलनाडु से कर्नाटक तक के उदाहरण दिए जिस पर विपक्ष ने जोरदार हंगामा किया और सदन को भ्रमित करने का आरोप लगाया।
बहस के दौरान सदन में गृह मंत्री अमित शाह ने कहा- 2013 में किया संशोधन सिर्फ 5 घंटे के बाद हुआ था, इस बार दोनों सदनों में 16 घंटे चर्चा हो रही है। गृह मंत्री ने कहा कि- विपक्ष अल्पसंख्यकों को भड़का रहा है। वक्फ मुस्लिम समुदाय का प्रतिनिधि निकाय नहीं है और ये बिल जन कल्याण के लिए है, वोटबैंक के लिए हैं। 1913 से लेकर 2013 तक वक्फ बोर्ड की कुल भूमि 18 लाख एकड़ थी और 2013 से 2025 तक 21 लाख भूमि बढ़ गई है। इसमें 2013 के बाद खासी बढ़ोत्तरी हुई है। अमित शाह ने कहा कि लोगों को डराया जा रहा है कि पूर्वव्यापी प्रभाव से आएगा। इस विधेयक के पहले 3 पेज और धाराएं पढ़ ली होतीं तो वास्तविकता का पता चल जाता।
किरेन रिजीजू ने अपने भाषण में कहा कि वक्फ (संशोधन) विधेयक, 2025 (Waqf Amendment Bill 2025) में ऐसा प्रावधान किया गया है कि ‘शेड्यूल 5’ और ‘शेड्यूल 6’ की जमीनों पर वक्फ बोर्ड कभी दावा नहीं कर पायेगा। झारखंड की काफी जमीन है, जो ‘शेड्यूल 5’ में आती हैं। ऐसे में इस बिल के पास हो जाने पर झारखंड के आदिवासियों की जमीन पर वक्फ बोर्ड कभी दावा नहीं कर पायेगा।