त्रिनेत्र गणेश मंदिर, रणथंभौर

त्रिनेत्र गणेश मंदिर, रणथंभौर

प्रथम पूज्य भगवान गणेश को समर्पित यह मंदिर भारत के राजस्थान प्रांत के सवाई माधौपुर जिले के रणथंभौर किले में स्थित है। भगवान गणेश का यह मंदिर 13वीं सदी में रणथंभौर के राजा ‘हम्मीर देव चौहान’ ने बनवाया था। यह मंदिर सवाई माधोपुर से लगभग 12 किलोमीटर दूर है। सन 1300 ई. में, राजा हम्मीर ने भगवान गणेश मंदिर में भगवान गणेश के अलावा, उनकी दोनों पत्नी (ऋद्धि-सिद्धि) और दो पुत्रों (शुभ-लाभ) की मूर्ति के साथ उनके वाहन (मूषक) की मूर्ति स्थापित की।

मान्यता है, युद्ध के दौरान गणेश जी ने राजा को स्वप्न में दर्शन दिये और उन्हें जीत का आशीर्वाद दिया। अगली सुबह, किले की एक दीवार से भगवान गणेश की तीन आँखों वाली मूर्ति (त्रिनेत्र) निकली। इसके अलावा, एक चमत्कार के साथ युद्ध खत्म हो गया। जिसके बाद राजा ने युद्ध जीत कर इस मंदिर का निर्माण कराया। यह मंदिर सभी अन्य गणेश मंदिरों से भिन्न है। इस मंदिर में विराजे गणेश जी की मूर्ति में 3 नेत्र हैं इसलिए इस मंदिर का नाम ‘त्रिनेत्र गणेश मंदिर’ पड़ा। गणेश जी यहाँ पत्नी रिद्धि सिद्धि और पुत्र शुभ लाभ के साथ विराजमान हैं। वाहन चूहा भी साथ में है।

मान्यतानुसार, त्रिनेत्र गणेश मंदिर (Trinetra Ganesha Temple ) में देश के कोने कोने से आयीं चिठ्ठियाँ भगवान गणेश के सामने पढ़कर उनके चरणों में रख दी जाती हैं। चिट्ठियों में अधिकतर लोग अपने यहाँ हो रहे किसी मांगलिक कार्यक्रम का निमंत्रण भेजते हैं और कुछ लोग अपनी मनोकामना लिख कर भेजते हैं। जनश्रुति के अनुसार, भगवान गणेश सभी का निमंत्रण स्वीकारते हैं और उनकी मनोकामनायें भी पूर्ण करते हैं। मंदिर के नाम और पते त्रिनेत्र गणेश मंदिर, रणथम्भौर दुर्ग, सवाई माधोपुर, राजस्थान के साथ पिन कोड नंबर 322021 लिखने पर यहां पत्र पहुंच जाता है।