मंगल का कर्क राशि में गोचर: ऊर्जा, जोश, साहस, पराक्रम, युद्ध और रक्त का कारक ग्रह भूमि पुत्र मंगल 3 अप्रैल, 2025 को रात 01:35 बजे कर्क राशि में प्रवेश करेंगे और 6 जून 2025 की रात्रि तक कर्क राशि में ही रहेंगे। 7 जून 2025 को सिंह राशि में प्रवेश करेंगे। कर्क राशि मंगल की नीच राशि होती है। मंगल के अपनी नीच राशि कर्क में गोचर (Mars Transit in Cancer) करने से नकारात्मक असर देखने को मिलेगा। आइए जानते हैं मंगल का मिथुन राशि में गोचर का सभी 12 राशियों पर प्रभाव।
मेष राशि के जातकों के लिए मंगल का कर्क राशि में गोचर चतुर्थ भाव में होगा जो मिश्रित फल देगा। पारिवारिक कलह एवं मानसिक अशांति का योग है। प्रतिकूल व्यक्तियों के साथ संगत बढ़ सकती है। स्वभाव में सौम्यता रखें।
वृषभ राशि वालों की कुंडली में मंगल सातवें और 12वें भाव के स्वामी होते हैं। मंगल के कर्क राशि में गोचर करने से वृषभ राशि के जातकों के लिए मंगल का गोचर तीसरे भाव में होगा जो पराक्रम में वृद्धि करेगा। लेकिन छोटे भाई बहिनों से मतभेद बढ़ सकते हैं।
मिथुन राशि के जातकों के लिए मंगल छठे और 11वें भाव के स्वामी होते हैं। मिथुन राशि के जातकों के लिए मंगल का कर्क राशि में गोचर दूसरे भाव में होगा जो खर्च बढ़ाएंगे। पैतृक संपत्ति को लेकर घर में विवाद हो सकता है। धैर्य से काम लें। वाहन सावधानी से चलाएं।
कर्क राशि के जातकों की कुंडली में मंगल पांचवें और 10वें भाव के स्वामी होते हैं। कर्क राशि के जातकों के लिए मंगल का गोचर प्रथम (लग्न) भाव में होगा जो स्वभाव में आक्रामकता ला सकता है। सोच समझकर ही निर्णय लें। अहंकार से बचें। सेहत का खास ध्यान रखें। वाहन सावधानी से चलाएं। संतान से दूरी बन सकती है।
सिंह राशि वालों की जन्मराशि में मंगल चौथे और नवम भाव के स्वामी हैं। सिंह राशि के जातकों के लिए मंगल का कर्क राशि में गोचर द्वादश भाव में होगा जो अच्छा नहीं माना जाता। फिजूलखर्ची से बचें, बहुत जरूरत पर ही लंबी यात्रा करें। भू-संपत्ति के मामलों में सावधानी बरतें।
कन्या राशि के जातकों की कुंडली में मंगल तीसरे और आठवें भाव के स्वामी होते हैं। कन्या राशि के जातकों के लिए मंगल का मिथुन राशि में गोचर एकादश भाव में होगा जो अधिकतर शुभ फल देगा। लेकिन बड़े भाई बहिनों से मतभेद हो सकते हैं। व्यापार में लाभ होने के योग हैं।
तुला राशि के जातकों की कुंडली में मंगल दूसरे और सातवें भाव के स्वामी हैं। तुला राशि के जातकों के लिए मंगल का कर्क राशि में गोचर दशम भाव में होगा जो कार्यक्षेत्र में तनावपूर्ण माहौल रखते हुए उन्नति की ओर संकेत करता है। कार्यक्षेत्र और दांपत्य जीवन प्रभावित हो सकता है, सावधानी बरतें। भूमि, भवन व वाहन की खरीदारी संभव है।
वृश्चिक राशि वालों की जन्मराशि में मंगल लग्न और छठे भाव के स्वामी हैं। वृश्चिक राशि के जातकों के लिए मंगल का कर्क राशि में गोचर नवम भाव में होगा जो मिले जुले फल देगा। पराक्रम में वृद्धि करेगा और साझेदारी के कार्यों में सफलता दिलायेगा। आर्थिक लेनदेन का ध्यान रखें। व्यापार में बेहतर परिणाम मिलेंगे।
धनु राशि वालों की कुंडली में मंगल पांचवें और 12वें भाव के स्वामी हैं। धनु राशि के जातकों के लिए मंगल का कर्क राशि में गोचर अष्टम भाव में होगा जो अच्छा नहीं कहा जा सकता। यात्रा सावधानी से करें। वाहन सजगता से चलाएं। प्रेम प्रसंगों में विवाद के योग हैं। प्रतियोगी परीक्षार्थी मेहनत में किसी भी लापरवाही से बचें। उदर विकार की संभावना बन सकती है।
मकर राशि के जातकों की कुंडली में मंगल चौथे और लाभ भाव के स्वामी होते हैं। मकर राशि के जातकों के लिए मंगल का कर्क राशि में गोचर सप्तम भाव में होगा जो दांपत्य जीवन के लिए तो अच्छा नहीं है लेकिन व्यापार में विदेश से लाभ के योग बनाएगा। व्यर्थ की यात्राएं टाल दें। व्यापार में नई डील करते समय सजग रहें। आर्थिक लेन-देन में समझदारी से काम लें। भाइयों और दोस्तों के साथ संबंधों में खटास आ सकती है।
कुंभ की राशि के जातकों के लिए मंगल तीसरे और दसवें भाव के स्वामी होते हैं। कुंभ राशि के जातकों के लिए मंगल का कर्क राशि में गोचर छठे भाव में होगा जो शुभ फल देगा। लंबी यात्रा पर अधिक खर्च हो सकता है। कर्ज लेने से बचें और स्वास्थ्य के प्रति संवेदनशील रहें। मान-सम्मान बढ़ने का समय है।
मीन राशि के जातकों की कुंडली में मंगल दूसरे और नवम भाव के स्वामी होते हैं। मीन राशि के जातकों के लिए मंगल का कर्क राशि में गोचर पंचम भाव में होगा जो अच्छा नहीं कहा जा सकता। प्रेम संबंधी मामलों में सफलता के योग हैं। उदर विकार की संभावना के योग हैं। वाणी में मधुरता रखने से अनुकूल परिणाम मिल सकते हैं।
मंगल के अशुभ प्रभाव को कम करने के लिए गौवंश को गुड़ खिलाएं। बड़े भाई को सम्मान और छोटे को उपहार दें। बंदरों को चने और भूखे निर्धनों को मीठे रोठ खिलाएं। गाय को भींगी लाल मसूर की दाल खिलाने से भी मंगल शुभ होते हैं।