शनि देव आज यानी 29 मार्च 2025 को रात्रि 10:07 पर कुंभ राशि से गुरु के स्वामित्व वाली राशि मीन में प्रवेश कर चुके हैं। मीन राशि में शनि साल 2027 तक रहेंगे। शनि के मीन राशि में गोचर करते ही मीन राशि में 6 ग्रहों की युति हो गई। चूंकि, पहले से ही पांच प्रमुख ग्रह सूर्य, बुध, शुक्र, राहु और चंद्र मीन राशि में मौजूद थे। सभी नौ ग्रहों में शनिदेव को सबसे धीमा चलने वाला ग्रह माना जाता है। यह एक राशि में करीब ढाई वर्षो तक रहते हैं।
आज जैसे ही शनि ने कुंभ राशि से मीन राशि में गोचर किया वैसे ही कुछ राशि पर शनि की साढ़ेसाती खत्म हो गई और कुछ पर शुरू हो गई। शनि के गोचर से मकर राशि वालों को साढ़ेसाती से पूरी तरह निजात मिलेगी, वहीं मेष राशि पर शुरू हो जाएगी। इसके अलावा कुंभ और मीन राशि पर साढ़ेसाती जारी रहेगी। सिंह और धनु राशि पर शनि के राशि परिवर्तन करने से ढैय्या शुरू हो जाएगी, वहीं कर्क और वृश्चिक राशि वालों को ढैय्या से पूरी तरह निजात मिलेगी। जानें सभी 12 राशियों पर शनि के मीन राशि में गोचर का प्रभाव।
आज न्याय के देवता शनि ने ढाई वर्षों बाद अपनी राशि बदल ली। शनि कुंभ राशि की अपनी यात्रा को विराम देते हुए मीन राशि में गोचर करेंगे। मीन राशि के स्वामी गुरु बृहस्पति हैं। मेष राशि के लिए शनि देव द्वादश भाव में गोचर करेंगे। शनि की साढ़ेसाती का पहला चरण शुरू होने पर मेष राषि वालों को कुछ चुनौतियों का सामना करना पड़ेगा।
न्याय के देवता शनि आपकी कुंडली के नवम और दशम भाव के स्वामी होकर आज आपके एकादश भाव में प्रवेश कर गए हैं। ऐसे में यह आपके लिए बहुत ही अनुकूल स्थिति होगी। बतादें, एकादश भाव में हर ग्रह लाभ देता है। नौकरीपेशा जातकों को लाभ के अच्छे अवसर प्राप्त होंगे। लेकिन यह निर्भर करेगा आपके कुंडली में शनि शुभ स्थिति में हैं या नहीं। जिन जातकों की कुंडली में शनि अगर शुभ स्थिति में हैं और मजबूत हैं तो शनि का यह गोचर अच्छा साबित होगा। लंबे समय से चल रहीं परेशानियां समाप्त होंगी। आर्थिक स्थिति में भी पहले से सुधार होगा। व्यापारी वर्ग को भी लाभ के भरपूर मौके मिलेंगे।
मिथुन राशि के जातकों के लिए शनि दसवें भाव में आज गोचर कर गए हैं। कुंडली का दशम भाव करियर, नौकरी और मान-सम्मान का होता है। ऐसे में आपके लिए शनि का यह गोचर अच्छा साबित होगा। शनि का आपके कर्म भाव में आने पर कार्यक्षेत्र में सफलता के योग बनेंगे। लेकिन कड़ी मेहनत के बाद। नौकरीपेशा जातकों को वेतन में वृद्धि और प्रमोशन मिल सकता है। वाहन और भूमि खरीदने के योग बनेंगे।
शनि देव आज 29 मार्च को मीन राशि में प्रवेश करते ही कर्क राशि के जातकों के नवम भाव में गोचर करेंगे। कर्क राशि में शनि देव चांदी के पाये के साथ प्रवेश करेंगे। भाग्य भाव में होने के कारण कर्क राशि के जातकों को हर क्षेत्र में सफलता मिलने की संभावना है। आर्थिक दृष्टिकोण से भी यह गोचर आपके लिए बहुत अच्छा साबित होगा।
सिंह राशि के जातकों के लिए शनि छठे और सातवें भाव के स्वामी होकर अष्टम भाव में प्रवेश कर चुके हैं। शनि के राशि परिवर्तन करते ही सिंह राशि के जातकों पर शनि की ढैया शुरू हो चुकी है। अगले ढाई वर्षों में कोई भी नया कार्य बहुत ही सोच-समझकर करना होगा। धन हानि की संभावना भी हो सकती है।
कन्या राशि के जातकों के लिए शनि पांचवें और छठे भाव के स्वामी होते हैं और आज शनि के मीन राशि में गोचर करने से यह आपके सप्तम भाव में होंगे। सप्तम भाव साझेदारी और वैवाहिक जीवन से संबंधित होता है। शनि के सप्तम भाव में गोचर करने से आपको व्यापार में आ रहीं बाधाएं दूर होंगी। वैवाहिक जीवन सुखमय रहेगा। साथी का भरपूर साथ आपको मिलेगा।
तुला राशि के जातकों के लिए शनि चौथे और पांचवें भाव के स्वामी हैं। शनि के राशि परिवर्तन करते ही वह छठे में गोचर करेंगे। ज्योतिष के अनुसार, छठे भाव में शनि का गोचर अच्छा माना जाता है। शनि के छठे भाव में गोचर करने से आप अपने शत्रुओं पर विजय प्राप्त करेंगे। कार्यक्षेत्र में आपका मान सम्मान बढ़ेगा। नौकरीपेशा जातकों को आय में वृद्धि और नौकरी में प्रमोशन के योग बन रहे हैं। छठा भाव रोग का भी होने के कारण पुराने रोगों से भी मुक्ति मिलेगी।
आज शनि के मीन राशि में प्रवेश करते ही शनि देव अगले ढाई वर्षों तक आपके पंचम भाव में गोचर करेंगे। शनि का चांदी का पाया वृश्चिक राशि के लिए कई दृष्टियों से उत्कृष्ट साबित होगा। इस गोचर के दौरान आप जो भी कार्य प्रारंभ करेंगे, उससे आपको लाभ मिलने की संभावना है।
धनु राशि के जातकों के लिए शनि आज से चौथे भाव में गोचर करेंगे। शनिदेव धनु राशि वालों के लिए दूसरे और तीसरे भाव के स्वामी होते हैं। शनि की ढैय्या शुरू होने के कारण आपके लिए आने वाला समय मिलाजुला साबित होगा। दशम भाव पर दृष्टि होने के कारण कार्यक्षेत्र में थोड़ी बाधाएं तो आएंगी लेकिन मित्र राशि होने के कारण आप उन रुकावटों को खत्म करके आगे बढ़ेंगे। नौकरी में उन्नति और भाग्य में वृद्धि के योग हैं।
शनि के मीन राशि में गोचर करने से मकर राशि वालों पर चल रही शनि की साढ़ेसाती खत्म हो जाएगी। शनि देव का यह गोचर आपके तीसरे भाव में होगा। तीसरे भाव में शनि अच्छा फल प्रदान करते हैं। तीसरे भाव में गोचर करते हुए शनि आपके पंचम, नवम और द्वादश भावों को देखेंगे। ऐसे में संतान की तरफ से कोई खुशखबरी सुनने को मिल सकती है। द्वादश भाव विदेश का भी होता है। जिस कारण विदेश यात्रा के योग भी बन रहे हैं। भागदौड़ बनी रहेगी। साढ़े साती की वजह से जो काम अधूरे थे उनके पूरे होने का समय आ गया है।
शनि देव का मीन राशि में गोचर आपके दूसरे भाव में होगा। शनि का चांदी का पाया कुंभ राशि के जातकों के लिए लाभकारी साबित होगा। आपकी आर्थिक स्थिति मार्च महीने के बाद धीरे-धीरे सुधरने लगेगी। धन से संबंधित कई मामलों में आपको सफलता प्राप्त होगी। धन संग्रह भी बढ़ेगा। वाणी पर ध्यान दें, ज्यादा सच बोलना भी भारी पड़ सकता है।
शनिदेव यहां आपके एकादश और द्वादश भाव के स्वामी होकर आपकी राशि में ही गोचर करेंगे। मीन राशि पर शनि की साढ़ेसाती का दूसरा चरण शुरू होगा। आपको सावधान रहना होगा। आपके ऊपर साढ़ेसाती का पूरा प्रभाव रहेगा। हर कार्य बड़े सोच समझ कर करने का समय है। किसी पर आंख बंद करके भरोसा न करें। आलस्य बढ़ सकता है।
शनि के अशुभ प्रभावों से बचने के लिए आपको गरीब और असहाय लोगों की मदद करनी चाहिए। हर शनिवार शाम को पीपल को दीपदान करें। सरसों के तेल में अपनी छाया देखकर गरीब लोगों में दान करें। बुजुर्गों की सेवा करने भी शनि प्रसन्न होते हैं।